ishq ki intihaa jaanta hai ye dil | इश्क़ की इन्तिहा जानता है ये दिल

  - Sana Hashmi
इश्क़कीइन्तिहाजानताहैयेदिल
हदसेबढ़नेकीज़िदठानताहैयेदिल
लाखकोशिशकीफिरभीभूलेउसे
बातमेरीकहाँमानताहैयेदिल
मुड़केदेखाजिसनेकभीहिज्रमें
खाकउसकीहीक्यूँछानताहैयेदिल
जिसकीख़ातिरगिरीठोकरेंखाकेमैं
आसराभीउसेमानताहैयेदिल
अनसुनीकररहाहैवोमेरीसदा
जिसकीआहटभीपहचानताहैयेदिल
रंगचहरेकाउसकेबदलजाएहै
जबनज़रउसतरफ़तानताहैयेदिल
क्यूँसनासेभलावोअदावतकरे
जबकिसीकोगर्दानताहैयेदिल
  - Sana Hashmi
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