शम्अ'कीनज़रोंमेंसौदाईहैपरवानाअभी
सोज़-ओ-साज़-ए-इश्क़सेहैहुस्नबेगानाअभी
आस्तान-ए-नाज़सेदुनियाहैबेगानाअभी
कोईकाबाढूँडताहैकोईबुत-ख़ानाअभी
कुछबगूलोंऔरकुछज़र्रोंमेंहैंसरगोशियाँ
दश्तसेगुज़राहैशायदकोईदीवानाअभी
उसनेजज़्ब-ए-इश्क़कीतासीरदेखीहीनहीं
अपनेजल्वोंपरहैनाज़ाँहुस्न-ए-जानानाअभी
क्याहुईतेरीनिगाह-ए-मस्तकीसरमस्तियाँ
होशमेंबैठाहुआहैतेरादीवानाअभी
तेरेज़ौक़-ए-दीदमेंरंग-ए-कलीमानानहीं
वर्नावोख़ुदचलकेआएबे-हिजाबानाअभी
अक़्ल-ए-नादाँकेतसर्रुफ़मेंहैंलाखोंगुलिस्ताँइश्क़कीक़िस्मतमेंऐ'साबिर'हैवीरानाअभी