koi shikwa na shikaayat na gilaa rakha hai | कोई शिकवा न शिकायत न गिला रक्खा है

  - Sabir Aarwi
कोईशिकवाशिकायतगिलारक्खाहै
तेरीमहफ़िलमेंयहीपास-ए-वफ़ारक्खाहै
तोदस्तारहैसरपरक़बाजिस्मपेहै
शैख़जीआपनेक्याहालबनारक्खाहै
अबतोजाइएयाँमजमा-ए-रिंदाँकेक़रीब
शामहीसेदर-ए-मय-ख़ानासजारक्खाहै
मुंतज़िरआपकेसबजाम-ब-कफ़बैठेहैं
आपकेनामकाइकजामउठारक्खाहै
इसख़राबेसेख़राबीकातसव्वुरहैगुनाह
पारसाईकाभरमउसनेसिवारक्खाहै
चखभीलीजेकिनिकलजाएज़राहसरत-ए-मय
दिलमेंमानाकिबहुतख़ौफ़-ए-ख़ुदारक्खाहै
लेचलेगातरफ़-ए-दश्त-ए-बलाशौक़-नवर्द
क्याकहेंदुर्द-ए-तह-ए-जाममेंक्यारक्खाहै
  - Sabir Aarwi
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