kaarobaar-e-zindagi se jis ka dil ghabraayega | कारोबार-ए-ज़िंदगी से जिस का दिल घबराएगा

  - Sabir Aarwi
कारोबार-ए-ज़िंदगीसेजिसकादिलघबराएगा
यारकीज़ुल्फ़-ए-रसाकेसाएमेंजाएगा
तज़्किरारुख़्सारकायाज़िक्र-ए-ज़ुल्फ़-ए-यारहो
कैफ़आँखोंमेंयक़ीननकुछकुछछाजाएगा
जोमनाज़िरआजतकतुमनेकभीदेखेनहीं
कोईतुमकोवोमनाज़िरएकदिनदिखलाएगा
अबकरम-फ़रमाइयाँहोंयाइताब-ए-नाज़हो
आपकेदस्त-ए-करमसेदिलसिलाकुछपाएगा
वक़्तकीउलझीहुईज़ुल्फ़ेंसँवारेंकिसतरह
अहल-ए-दिलकोयेसलीक़ाख़ुद-बख़ुदजाएगा
आपपहलेहँसकेग़मखातेरहे'साबिर'मगर
अबयहीग़मरफ़्तारफ़्ताआपकोखाजाएगा
  - Sabir Aarwi
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