pairaahan-e-tilism-e-bahaaraan ki KHair ho | पैराहन-ए-तिलिस्म-ए-बहाराँ की ख़ैर हो

  - Sabir Aarwi
पैराहन-ए-तिलिस्म-ए-बहाराँकीख़ैरहो
अहल-ए-जुनूँकेतार-ए-गरेबाँकीख़ैरहो
गुलशनमेंकेलौटगईहैबहार-ए-नौ
सबकहरहेहैंदश्त-ओ-बयाबाँकीख़ैरहो
सौदा-ए-सरयहाँहैवहाँनाज़-ए-हुस्नहै
इससरकीख़ैरयादर-ए-जानाँकीख़ैरहो
होनेलगेहैंअहल-ए-नज़रअबजुनूँ-नवाज़
अहल-ए-ख़िरदतुम्हारेशबिस्ताँकीख़ैरहो
उनकीनिगाह-ए-नाज़उठीहैइसीतरह
'साबिर'तुम्हारेसब्रकेदामाँकीख़ैरहो
  - Sabir Aarwi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy