क्याक्यानदिलपेदाग़उठाएहुएहैंहम
इकघरमेंसौचराग़जलाएहुएहैंहम
अबइसचमनसेऔरहोउम्मीदक्याहमें
ऐसुब्ह-ए-नौफ़रेबतोखाएहुएहैंहम
उनकीनिगाह-ओ-अबरू-ओ-रुख़्सारकाख़याल
कुछसोचकरगलेसेलगाएहुएहैंहम
तस्वीररू-ए-यारकेहुस्न-ओ-सिफ़ातकी
इसदिलकेआइनेमेंबसाएहुएहैंहम
ऐदोस्तआकेदेखलेमेहमाँ-नवाज़ीयाँ
इकख़ाना-ए-उमीदसजाएहुएहैंहम
इसख़ौफ़सेकिदिलकाजनाज़ानिकलनजाए
अपनेग़म-ओ-अलमकोछुपाएहुएहैंहम
शायदगुज़रसबाकाकभीइसतरफ़सेहो
इकरहगुज़रपेफूलबिछाएहुएहैंहम
अबवोबिठाएँदिलमेंकिदिलसेनिकालदें
'साबिर'किसीकीबज़्ममेंआएहुएहैंहम