kunj-e-tanhaai ke afkaar men kya rakha hai | कुंज-ए-तन्हाई के अफ़्कार में क्या रक्खा है

  - Sabir Aarwi
कुंज-ए-तन्हाईकेअफ़्कारमेंक्यारक्खाहै
ज़िक्र-ए-ज़ुल्फ़-ओ-लब-ओ-रुख़्सारमेंक्यारक्खाहै
ग़म-ए-ज़ीस्ततिरासाथग़नीमतहैमुझे
वर्नाअबसिर्फ़ग़म-ए-यारमेंक्यारक्खाहै
पहलेहीखुलगयाइंकारसेमहफ़िलकाभरम
औरअबआपकेइक़रारमेंक्यारक्खाहै
मर्हबाअज़्म-ए-जवाँलेकेनिकलनेवालो
इसजहाँकेरसन-ओ-दारमेंक्यारक्खाहै
अपनेजबहोसकेग़ैरकीहमसम्तचले
वर्नाइसकूचा-ए-अग़्यारमेंक्यारक्खाहै
कलतलकआपकेक़ाबिलथायहीदिल'साबिर'
हाँमगरइकदिल-ए-बीमारमेंक्यारक्खाहै
  - Sabir Aarwi
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