ye raat din ka badalna nazar men rehta hai | ये रात दिन का बदलना नज़र में रहता है

  - Saadullah Shah
येरातदिनकाबदलनानज़रमेंरहताहै
हमाराज़ेहनमुसलसलसफ़रमेंरहताहै
नज़रमेंउसकीतोवुसअ'तहैआसमानोंकी
गोदेखनेकोपरिंदाशजरमेंरहताहै
हमारानामवोलेलेतोलोगचौंकउट्ठें
किफ़र्दफ़र्दहमारेअसरमेंरहताहै
शजरशजरजोसमरहैतोदेखख़ुदकोभी
जहान-ए-नौकातसव्वुरसमरमेंरहताहै
हरएकबातकाबिल्कुलयक़ीनआयामगर
हमाराख़ौफ़तुम्हारेअगरमेंरहताहै
तुझेगुमाँहैकिमंज़िलपेतोपहुँचभीगया
हरएकशख़्सयहाँरहगुज़रमेंरहताहै
उसेसुकूनहैइससेकिहमकोचैननहीं
बसइकजुनूनहमारीख़बरमेंरहताहै
नहींहैकुछभीवो'साद'बसख़यालसाहै
मगरख़यालकासौदातोसरमेंरहताहै
  - Saadullah Shah
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