ham ko KHush aaya tira ham se KHafaa ho jaana | हम को ख़ुश आया तिरा हम से ख़फ़ा हो जाना

  - Saadullah Shah
हमकोख़ुशआयातिराहमसेख़फ़ाहोजाना
सर-ब-सरख़्वाबकाता'बीर-नुमाहोजाना
चंदअश्कोंनेछुपायाहैमुकम्मलमंज़र
हमपेखुलताहीगयातेराजुदाहोना
अपनीख़्वाहिशतिरीयादोंमेंभटकतीहैकहीं
जैसेगुल-गश्तमेंतितलीकाफ़नाहोजाना
शाख़-दर-शाख़सुबुकसारहवाओंकागुज़र
इकक़फ़ससेकिसीपंछीकारहाहोजाना
अश्कगिरतेहीखिलेफूलमिरेदामनमें
रुतबदलतेहीपरिंदोंकासदाहोजाना
एकसाएकाहैएहसासमिरेसरपेसदा
कौनसोचेगाकभीख़ुदसेख़ुदाहोजाना
आश्नाहमभीमोहब्बतसेनहींहैंहरगिज़
हाएइसरब्तकाभीनज़्र-ए-अनाहोजाना
  - Saadullah Shah
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