ye jamaal kya ye jalaal kya ye urooj kya ye zawaal kya | ये जमाल क्या ये जलाल क्या ये उरूज क्या ये ज़वाल क्या

  - Saadullah Shah
येजमालक्यायेजलालक्यायेउरूजक्यायेज़वालक्या
वोजोपेड़जड़सेउखड़गयाउसेमौसमोंकामलालक्या
वोजोलम्हालम्हाबिखरगयावोजोअपनीहदसेगुज़रगया
उसेफ़िक्र-ए-शाम-ओ-सहरहोक्याउसेरंजिश-ए-मह-ओ-सालक्या
वोजोबे-नियाज़साहोगयावोजोएकराज़साहोगया
जिसेकुछग़रज़हीनहींरहीउसेदस्त-ए-हर्फ़-ए-सवालक्या
हुआरेज़ारेज़ाजोदिलतिराउसेजोड़जोड़केमतदिखा
वोजोअपनेहुस्नमेंमस्तहैउसेआइनेकाख़यालक्या
वहीहिज्ररातकीबातहैवहीचाँद-तारोंकासाथहै
जोफ़िराक़सेहुआआश्नाउसेआरज़ू-ए-विसालक्या
किसीऔरसेकरेंक्यूँँगिलाहमेंअपने-आपसेदुखमिला
वोजोदर्द-ए-दिलसेहोआश्नाउसेदुनिया-भरकावबालक्या
वहीगर्दगर्दग़ुबारहैवहीचारोंओरफ़िशारहै
वोजोख़ुदकोभीनहींजानतावोहोमेरावाक़िफ़-ए-हालक्या
उसे'साद'कैसाबताएँहमउसेकिससेजाकेमिलाएँहम
वोतोख़ुदसरापामिसालहैयेगुलाबक्यायेग़ज़ालक्या
  - Saadullah Shah
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