vaqt to vaqt hai rukta nahin ik pal ke li.e | वक़्त तो वक़्त है रुकता नहीं इक पल के लिए

  - Saadullah Shah
वक़्ततोवक़्तहैरुकतानहींइकपलकेलिए
होवहीबातजोक़ाएमभीरहेकलकेलिए
मुंसिफ़-ए-वक़्तहक़ीक़तहैहक़ीक़तहैख़ुदा
ख़ौफ़लाज़िमहैबहर-तौरहरइकहलकेलिए
मिरीख़्वाहिश-ए-तहसीलसुझादेमुझको
कोईरस्तादर-ए-इम्कान-ए-मुक़फ़्फ़लकेलिए
मैंसमुंदरहूँख़मोशीपेजानामेरी
मुजतमा'करताहूँताक़तकोबड़ीछलकेलिए
तर्बियतख़ूनमेंरचजाएतोतबहोताहै
वर्नाआसाँनहींजानाकिसीकर्बलकेलिए
'साद'डरताहूँअगरमैंतोबसइकख़्वाहिशसे
वोजोकरदेबरहनातुझेमख़मलकेलिए
  - Saadullah Shah
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy