paida kiya hai udti hui KHaak se mujhe | पैदा किया है उड़ती हुई ख़ाक से मुझे

  - Rafiq Raaz
पैदाकियाहैउड़तीहुईख़ाकसेमुझे
निस्बतयहीहैसरसर-ए-सफ़्फ़ाकसेमुझे
अबतोअसीर-ए-गर्दिश-ए-लैल-ओ-नहारहूँ
मुद्दतहुईहैउतरेहुएचाकसेमुझे
आएगाकोईखोलेगाबंद-ए-क़बा-ए-हर्फ़
देगानजातकाग़ज़ीपोशाकसेमुझे
दुनियाहैइश्वा-साज़तोमैंहूँमकीन-ए-ज़ात
ख़तरानहींहैइसज़न-ए-बेबाकसेमुझे
परफड़फड़ारहाहूँबसीरतकेदाममें
कोईछुड़ाएकब्ज़ा-ए-इदराकसेमुझे
रहजाएगीलकीरलहूकीज़मीनपर
लेजाइएबाँधकेफ़ितराकसेमुझे
मुझसेज़मीनख़ौफ़-ज़दाहै'रफ़ीक़-राज़'
येजानतीहैरब्तहैअफ़्लाकसेमुझे
  - Rafiq Raaz
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