ek sehra hai mirii aankh men hairaani ka | एक सहरा है मिरी आँख में हैरानी का

  - Rafiq Raaz
एकसहराहैमिरीआँखमेंहैरानीका
मेरेअंदरतोमगरशोरहैतुग़्यानीका
कोईदरवेश-ए-ख़ुदा-मस्तअभीशहरमेंहै
नक़्शबाक़ीहैअभीदश्तकीवीरानीका
साँसरोकेहैखड़ीदरसेतिरेदूरहवा
ख़ाक-ए-दिलयेहैसबबतेरीपरेशानीका
हमफ़क़ीरोंकातवक्कुलहीतोसरमायाहै
शिकवाकिसमुँहसेकरेंबे-सर-ओ-सामानीका
दिलकेबाज़ारमेंहलचलसीमचादीउसने
मुझकोभीधोकाहुआयुसूफ़-ए-ला-सानीका
देखताहूँमैंअभीख़्वाबउसीकेशबरोज़
येख़ुलासाहैमिरेक़िस्सा-ए-तूलानीका
  - Rafiq Raaz
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