chheda hai naya naghma hayaat-e-aba | छेड़ा है नया नग़्मा हयात-ए-अबदी ने

  - Rafiq Raaz
छेड़ाहैनयानग़्माहयात-ए-अबदीने
इसबारतबस्सुमकियासुनकेकलीने
लफ़्ज़ोंमेंउतरनेकाहुनरसीखरहाहूँ
ख़तरेमेंहैंअल्फ़ाज़केसीनोंमेंदफ़ीने
वोहैंकिभटकतेहैंअभीप्यासकेमारे
हमहैंकिडुबोआएसराबोंमेंसफ़ीने
सुनताहूँतड़पतेहुएपानीकाफ़क़तशोर
हस्सासबनायाहैमुझेतिश्ना-लबीने
अफ़्लाककेमंज़रहैंमिरेसामनेउर्यां
बख़्शीयेबुलंदीमुझेबे-बाल-ओ-परीने
शादाबनज़रआतेहैंअश्जारहरइकसम्त
क्याशहरमेंजंगलकीहवालाईकिसीने
पहलूमेंधड़कताहैतड़पताहैशब-ओ-रोज़
बेचैनकिएरक्खाहैमुझकोमिरेजीने
जोरास्तेजातेहैंतिरेअर्शकीजानिब
वोरस्तेभीदिखलाएमुझेदर-ब-दरीने
  - Rafiq Raaz
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