maii ka aag lagata hua mahina tha | मई का आग लगाता हुआ महीना था

  - Rafia Shabnam Abidi
मईकाआगलगाताहुआमहीनाथा
घटानेमुझसेमिराआफ़्ताबछीनाथा
बजाकितुझसारफ़ूगरमिलसकालेकिन
येतारतारवजूदएकदिनतोसीनाथा
उसेयेज़िदथीकिहरसाँसउसकीख़ातिरहो
मगरमुझेतोज़मानेकेसाथजीनाथा
येहमहीथेजोबचालाएअपनीजाँदेकर
हवाकीज़दपेतिरीयादकासफ़ीनाथा
नदीख़जिलथीकिभीगीहुईथीपानीमें
मगरपहाड़केमाथेपेक्यूँँपसीनाथा
तुमउनसुलगतेहुएआँसुओंकाग़मकरो
हमेंतोरोज़हीयेज़हरहँसकेपीनाथा
तमाम-उम्रकिसीकाबनसका'शबनम'
वोजिसकोबातबनानेकाभीक़रीनाथा
  - Rafia Shabnam Abidi
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