vehshat men nikal aaya hooñ idraak se aage | वहशत में निकल आया हूँ इदराक से आगे

  - Rafi Raza
वहशतमेंनिकलआयाहूँइदराकसेआगे
अबढूँढ़मुझेमजमा-ए-उश्शाक़सेआगे
इकसुर्ख़समुंदरमेंतिराज़िक्रबहुतहै
शख़्सगुज़रदीदा-ए-नमनाकसेआगे
उसपारसेआताकोईदेखूँतोयेपूछूँ
अफ़्लाकसेपीछेहूँकिअफ़्लाकसेआगे
दमतोड़देअबकहींख़्वाहिशकीहवाभी
येख़ाकतोउड़तीनहींख़ाशाकसेआगे
जोनक़्शउभारेथेमिटाएभीहैंउसने
दरपेशफिरइकचाकहैइसचाकसेआगे
आईनेकोतोड़ाहैतोमालूमहुआहै
गुज़राहूँकिसीदश्त-ए-ख़तरनाकसेआगे
हम-ज़ादकीसूरतहैमिरेयारकीसूरत
मैंकैसेनिकलसकताहूँचालाकसेआगे
  - Rafi Raza
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