raat main shaana-e-idraak se lag kar soya | रात मैं शाना-ए-इदराक से लग कर सोया

  - Rafi Raza
रातमैंशाना-ए-इदराकसेलगकरसोया
बंदकीआँखतोअफ़्लाकसेलगकरसोया
ऊँघताथाकहींमेहराबकीसरशारीमें
इकदियासाकिसीचक़माक़सेलगकरसोया
एकजलताहुआआँसूजोनहींसोताथा
देरतकदीदा-ए-नमनाकसेलगकरसोया
अन-गिनतआँखेंमिरेजिस्मपेचुँधयाईरहीं
बुक़ा-ए-नूरमिरीख़ाकसेलगकरसोया
कूज़ा-गरनेमिरेबारेमेंयेदफ़्तरमेंलिखा
चाकसेउतरामगरचाकसेलगकरसोया
नींदकीशर्तथीतन्हानहींसोनामुझको
हिज्रथासोउसीसफ़्फ़ाकसेलगकरसोया
रातकाँटोंपेगुज़ारीतोसवेरेसोचा
किसलिएख़ेमा-ए-उश्शाक़सेलगकरसोया
नींदसूलीपेचलीआईसौज़ख़्म-ए-उर्यां
अपनीइकख़्वाहिश-ए-पोशाकसेलगकरसोया
  - Rafi Raza
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