ye ata bhi hai saaqi waah kya niraali hai | ये अता भी है साक़ी वाह क्या निराली है

  - Raaz Allahabadi
येअताभीहैसाक़ीवाहक्यानिरालीहै
एकजामछलकाहैएकजामख़ालीहै
ज़ख़्मपत्तापत्ताहैदर्दडालीडालीहै
मिरेचमनआख़िरकौनतेरामालीहै
फिरतिरेहसींवा'देयादगएशायद
मैंनेआरज़ूओंकीभीड़फिरलगालीहै
क्यामिरीवफ़ाओंकाअबलहूनहींमिलता
तुमनेअपनेहाथोंमेंक्यूँँहिनालगालीहै
मिरीग़ज़लतेरेनाज़कौनउठाएगा
अबकोई'ग़ालिब'हैअबकोई'हाली'है
हर्फ़हर्फ़हीराहैलफ़्ज़लफ़्ज़मोतीहै
इनहसीनलोगोंकीबातहीनिरालीहै
पाक-बाज़रिंदोंकोऔरहमकहाँढूँढे
मस्जिदेंभीसूनीहैंमय-कदाभीख़ालीहै
'राज़'येग़ज़लअपनीइकहसींकासदक़ाहै
शे'रभीअनोखेहैंहैंतर्ज़भीनिरालीहै
  - Raaz Allahabadi
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