soch ke is soone sehra ko jab se teraa dhyaan mila | सोच के इस सूने सहरा को जब से तेरा ध्यान मिला

  - Qamar Siddiqi
सोचकेइससूनेसहराकोजबसेतेराध्यानमिला
हमभीगौतमबनबैठेहैंहमकोभीनिरवानमिला
हमनेदेखारातथीकालीजिसकाकोईओरछोर
उसनेरुख़सेज़ुल्फ़हटाईसूरजकोसम्मानमिला
ख़ुदशरमाएसौबलखाएदेखकेअपनारूपसरूप
बातकीबातसमझेयारोकैसाहमेंनादानमिला
अश्कभरेहैंनैनकटोरेग़मकीलज़्ज़तयारपूछ
इश्क़-नगरकेमेहमानोंकीख़ातिरक्याजलपानमिला
राहब-ज़ात-ए-ख़ुदमक़्सदहैचलतेरहनामंज़िलहै
बस्तीबस्तीजंगलजंगलभटकेतोयेज्ञानमिला
  - Qamar Siddiqi
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