jazba-e-sard sitamgar nahin achha lagta | जज़्बा-ए-सर्द सितमगर नहीं अच्छा लगता

  - Qamar Siddiqi
जज़्बा-ए-सर्दसितमगरनहींअच्छालगता
तेरेचेहरेपेदिसम्बरनहींअच्छालगता
आइनादेखतोलेंदेखकेहासिलक्याहै
अबयहाँअपनाहीपैकरनहींअच्छालगता
ग़ालिबनआपनेसचबोलाहैसोभुक्तोअब
हाकिम-ए-वक़्तकातेवरनहींअच्छालगता
इकवहीशख़्सलगेजानसेप्याराहमको
औरकभीवोभीसरासरनहींअच्छालगता
भीड़हैशोरहैऔरदाइमीउकताहटहै
शहरकाबसयहीमंज़रनहींअच्छालगता
ख़ैरयेमिलनाबिछड़नातोलगारहताहै
हाँमगरयादोंकादफ़्तरनहींअच्छालगता
  - Qamar Siddiqi
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