hain ab to heele-bahaane ke qeel-o-qaal ke din | हैं अब तो हीले-बहाने के क़ील-ओ-क़ाल के दिन

  - Qamar Siddiqi
हैंअबतोहीले-बहानेकेक़ील-ओ-क़ालकेदिन
भुलाकेरखदिएतूनेमिरीमजालकेदिन
किदुखनेकूचा-ए-शबपारकरलियाशायद
तुलूअ'होनेलगेइसलिएमलालकेदिन
हरएकलफ़्ज़पशेमाँपस-ए-ग़ुबार-ए-सुकूत
जवाबकीवोहोंरातेंकिफिरसवालकेदिन
चराग़-ए-सौत-ओ-सदाआजकुछमुनव्वरहै
विसाल-ए-शबकेक़रींहैंमिरेग़ज़ालकेदिन
येइंतिज़ारकीघड़ियाँयेशबकासन्नाटा
उसएकशबमेंभरेहैंहज़ारसालकेदिन
  - Qamar Siddiqi
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