हैंअबतोहीले-बहानेकेक़ील-ओ-क़ालकेदिन
भुलाकेरखदिएतूनेमिरीमजालकेदिन
किदुखनेकूचा-ए-शबपारकरलियाशायद
तुलूअ'होनेलगेइसलिएमलालकेदिन
हरएकलफ़्ज़पशेमाँपस-ए-ग़ुबार-ए-सुकूत
जवाबकीवोहोंरातेंकिफिरसवालकेदिन
चराग़-ए-सौत-ओ-सदाआजकुछमुनव्वरहै
विसाल-ए-शबकेक़रींहैंमिरेग़ज़ालकेदिन
येइंतिज़ारकीघड़ियाँयेशबकासन्नाटा
उसएकशबमेंभरेहैंहज़ारसालकेदिन