ye martaba koshish se muyassar nahin hota | ये मर्तबा कोशिश से मुयस्सर नहीं होता

  - Qamar Siddiqi
येमर्तबाकोशिशसेमुयस्सरनहींहोता
हरफ़ातेह-ए-अय्यामसिकंदरनहींहोता
हररोज़नईजंगहैहररोज़नईजेहद
कबअपनेमुक़ाबिलकोईलश्करनहींहोता
बे-सोचेहुएकामतोहोजातेहैंसारे
जोसोचतेहैंहमवहीअक्सरनहींहोता
हरपलवहीवहशतहैवहीरक़्स-ए-सितम-नाक
किसलम्हायहाँफ़ित्ना-ए-महशरनहींहोता
लेतेहैंजज़्बातकोचुपकेसेकिसीपल
उनहादसोंकावक़्तमुक़र्ररनहींहोता
आवाराहैंइसआँखसेउसआँखतलकख़्वाब
जैसेकिमुसाफ़िरकाकोईघरनहींहोता
  - Qamar Siddiqi
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