मिसाल-ए-ख़्वाबहमेशाकिसीसफ़रमेंरहे
हमअपनीनींदमेंभीउसकीरहगुज़रमेंरहे
किसीकीयादकेबादलबरसनेवालेथे
बहुतख़राबथामौसमसोआजघरमेंरहे
तमामउम्रउसीजिस्मसेशिकायतथी
तमामउम्रउसीजिस्मकेखंडरमेंरहे
मता-ए-दर्दकोआख़िरकहाँकहाँरखते
सोमेरेगंज-ए-गिराँ-माया-ए-हुनरमेंरहे
येज़िंदगीहै'क़मर'याकिजंगलोंकासफ़र
हरएकलम्हायहाँराह-ए-पुर-ख़तरमेंरहे