kabhi hai gul kabhi shamsheer sa hai | कभी है गुल कभी शमशीर सा है

  - Qamar Siddiqi
कभीहैगुलकभीशमशीरसाहै
वोगोयावादी-ए-कश्मीरसाहै
रवाबितसबहिसार-ए-हिज्रमेंहैं
तअ'ल्लुक़टूटतीज़ंजीरसाहै
बुरासाख़्वाबदेखाथाजोशबमें
येदिनउसख़्वाबकीता'बीरसाहै
हैंगर्दिशमेंलहूसाअतमनाज़िर
ज़मानाआँखमेंतस्वीरसाहै
'क़मर'गिर्दाबतकआओतोजानो
जोमुज़्दालहरोंपेतहरीरसाहै
  - Qamar Siddiqi
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