बसतिश्नगीथीगहरेसमुंदरमेंकुछनथा
उसकेसिवाहमारेमुक़द्दरमेंकुछनथा
कुछइश्क़कीनज़रनेतिराकामकरदिया
वर्नाकमालहुस्नकेपैकरमेंकुछनथा
सबकुछलुटादियाथातिरीराहमेंफ़क़त
ईमानकेअलावामिरेघरमेंकुछनथा
रस्तेकीठोकरोंसेवोमंज़िलकोपागया
कैसेकहूँकिराहकेपत्थरमेंकुछनथा
दर्द-ओ-अलममिलानख़ुशीहीहुईनसीब
शायदमिरीवफ़ाकेमुक़द्दरमेंकुछनथा
रोयातमामउम्रवोशबनमकेसाथसाथ
फिरक्यूँकहूँकिदर्द-ए-गुल-ए-तरमेंकुछनथा
सुनतेथेभाईभाईकादुश्मनहैपर'क़मर'
देखातोऐसाशहर-ए-सितमगरमेंकुछनथा