dil agar hota to mil jaata nishaan-e-aarzoo | दिल अगर होता तो मिल जाता निशान-ए-आरज़ू

  - Qamar Jalalvi
दिलअगरहोतातोमिलजातानिशान-ए-आरज़ू
तुमनेतोमिस्मारकरडालामकान-ए-आरज़ू
ना-मुकम्मलरहगयाआख़िरबयान-ए-आरज़ू
कहतेकहतेसोगएहमदास्तान-ए-आरज़ू
दिलपेरखलोहाथफिरसुननाबयान-ए-आरज़ू
दास्तान-ए-आरज़ूहैदास्तान-ए-आरज़ू
हज़रत-ए-मूसायहाँलग़्ज़िशकरजानाकहीं
इम्तिहान-ए-आरज़ूहैइम्तिहान-ए-आरज़ू
दिलमिरादुश्मनसहीलेकिनकहूँतोक्याकहूँ
राज़-दान-ए-आरज़ूहैराज़-दान-ए-आरज़ू
तुमतोसिर्फ़इकदीदकीहसरतपेबरहमहोगए
कमसेकमपूरीतोसुनतेदास्तान-ए-आरज़ू
  - Qamar Jalalvi
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