yaad mausam vo purane aa.e | याद मौसम वो पुराने आए

  - Qamar Iqbal
यादमौसमवोपुरानेआए
ज़ख़्महँसनेकेज़मानेआए
दिलकीदहलीज़पेयादोंकेसिवा
कौनआवाज़लगानेआए
अबकहाँताबलहूरोनेकी
अबवोख़्वाबदिखानेआए
लोगजीतेहैंलहूपीकेयहाँ
हमकहाँप्यासबुझानेआए
कहगएबातजोसचथीवर्ना
यादकितनेहीबहानेआए
हरग़ज़लमेंहैछुपावोचेहरा
कोईघूँघटतोउठानेआए
शाख़फूलोंसेझुकीजातीहै
कोईतोहाथबढ़ानेआए
सुब्हजबहोतो'क़मर'मिस्ल-ए-सबा
फूलरखनेवोसिरहानेआए
  - Qamar Iqbal
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