ek deewaar agar ho to yahaañ sar maarein | एक दीवार अगर हो तो यहाँ सर मारें

  - Qamar Iqbal
एकदीवारअगरहोतोयहाँसरमारें
एकदीवारकेपीछेहैंकईदीवारें
हमकोलौटादेहमारावोपुरानाचेहरा
ज़िंदगीतेरेलिएरूपकहाँतकधारें
पासकुछअपनेबचाहैतोयहीइकलम्हा
आख़िरीदावहैजीतेंकियेबाज़ीहारें
तुमकभीआगमेंपलभरतोउतरकेदेखो
कौनकहताहैकिशोलोंमेंनहींमहकारें
क़ैदहैंकौनसेज़िंदाँमेंजानेहमलोग
रोज़ऊँचीहुईजातीहैं'क़मर'दीवारें
  - Qamar Iqbal
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