हममुसाफ़िरयूँँहीमसरूफ़-ए-सफ़रजाएँगे
बे-निशाँहोगएजबशहरतोघरजाएँगे
किसक़दरहोगायहाँमेहर-ओ-वफ़ाकामातम
हमतिरीयादसेजिसरोज़उतरजाएँगे
जौहरीबंदकिएजातेहैंबाज़ार-ए-सुख़न
हमकिसेबेचनेअलमास-ओ-गुहरजाएँगे
नेमत-ए-ज़ीस्तकायेक़र्ज़चुकेगाकैसे
लाखघबराकेयेकहतेरहेंमरजाएँगे
शायदअपनाभीकोईबैतहुदी-ख़्वाँबनकर
साथजाएगामिरेयारजिधरजाएँगे
'फ़ैज़'आतेहैंरह-ए-इश्क़मेंजोसख़्तमक़ाम
आनेवालोंसेकहोहमतोगुज़रजाएँगे