ai sitam-aazma jafaa kab tak | ऐ सितम-आज़मा जफ़ा कब तक

  - Qalaq Merathi
सितम-आज़माजफ़ाकबतक
कुश्ता-ए-ज़िंदगीवफ़ाकबतक
गर्मी-ए-कोशिश-ए-जफ़ाकबतक
दावा-ए-शोहरत-ए-वफ़ाकबतक
दिल-ए-ज़ोहद-ख़ूरियाकबतक
नामुरादानामुद्दआकबतक
एकमेंमिलगयाख़ुदामारा
यूँँनिबाहेगादूसराकबतक
इम्तिहाँपरयेइम्तिहाँता-चंद
आज़माआज़माएगाकबतक
हसरतआएगीदममेंसौसौबार
हवसशोर-ए-मरहबाकबतक
क़ुदरत-ए-सब्रआक़िबतकितनी
जुरअत-ए-ताक़त-आज़माकबतक
तुमसमझजाओमेरीख़ामोशी
कहूँकहिएमुद्दआकबतक
कीजिएअबमिरेनिबाहकीफ़िक्र
यारसब्र-ए-गुरेज़-पाकबतक
ख़्वाबमेंभीवोआएँगेता-चंद
मैंमिलाभीतोयूँँमिलाकबतक
दिलमेंकबतकतुम्हारेखटकूँगा
चश्म-ए-दुश्मनमेंमेरीजाकबतक
तंदुरुस्ती-ए-दिलहैबे-जानी
दर्द-ए-बे-दर्दकीदवाकबतक
तर्ककीसाफ़उसनेगोयाई
नर्गिस-ए-सुर्मा-साख़फ़ाकबतक
दिल-ए-बे-क़रार-ओ-बे-आराम
नालाता-चंदता-कुजाकबतक
'क़लक़'वस्लमेंभीहूँनाशाद
ताला-ए-ना-रसारसाकबतक
  - Qalaq Merathi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy