tere vaade ka ikhtitaam nahin | तेरे वादे का इख़्तिताम नहीं

  - Qalaq Merathi
तेरेवादेकाइख़्तितामनहीं
किक़यामतपेभीक़यामनहीं
बे-वफ़ाईतुम्हारीआमहुई
अबकिसीकोकिसीसेकामनहीं
किसलिएदावा-ए-ज़ुलेख़ाई
ग़ैरयूसुफ़नहींग़ुलामनहीं
वस्लकेबअ'दहिज्रकाक्याकाम
दूरगर्दूंकाइंतिज़ामनहीं
कौनसुनताहैनाला-ओ-फ़रियाद
चर्ख़कोख़ौफ़-ए-इंतिक़ामनहीं
ख़ाल-ए-लबदेखकरहुआमालूम
कोईदानाबग़ैर-ए-दामनहीं
आपमेंक्यूँँकिआऊँजबकितूआए
ख़ल्वत-ए-ख़ासबज़्म-ए-आमनहीं
नालाकरताहूँलोगसुनतेहैं
आपसेमेराकुछकलामनहीं
जिसजगहहैवहाँभीहैबोहतान
किकिसीजातिरामक़ामनहीं
रोज़-ए-फ़ुर्क़तकोरोज़-ए-हश्रजान
शामपरभीतोइख़्तितामनहीं
हैख़ुदाही'क़लक़'जोआजबुझे
सुब्हहोतेनहींकिशामनहीं
  - Qalaq Merathi
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