udaaun na kyun taar-taar-e-garebaan | उड़ाऊँ न क्यूँँ तार-तार-ए-गरेबाँ

  - Qalaq Merathi
उड़ाऊँक्यूँँतार-तार-ए-गरेबाँ
किपर्दा-दरीहैशिआ'र-ए-गरेबाँ
हरइकतारहैदस्त-गीर-ए-तमाशा
कियाज़ोफ़नेशर्मसार-ए-गरेबाँ
कतान-ओ-गुल-ओ-सीना-ए-अहल-ए-हसरत
बहुतचीज़हैंयादगार-ए-गरेबाँ
अगरदुश्मनीबख़िया-गरकोनहीं
तोक्यूँँइसक़दरदोस्त-दार-ए-गरेबाँ
यहींक़ैद-ए-रस्मख़लाइक़पसंद
हरइकसाँसहैख़ार-ख़ार-ए-गरेबाँ
वफ़ाहैमिरीपेश-दस्त-ए-सलासिल
तिरापर्दाहैपेश-कार-ए-गरेबाँ
येउड़नेमेंचालाकहरपाराहै
रम-ए-दश्त-ए-वहशतशिकार-ए-गरेबाँ
कभीकोहमेंदश्तमेंहैकभी
नहींकुछगुलूपरमदार-ए-गरेबाँ
'क़लक़'क्यूँँकेपर्दाउठताहमारा
किहैबख़िया-गरराज़-दार-ए-गरेबाँ
  - Qalaq Merathi
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