milegi na ab to muhabbat kabhi bhi | मिलेगी न अब तो मुहब्बत कभी भी

  - Parvez Shaikh
मिलेगीअबतोमुहब्बतकभीभी
पड़ेगीइसकीज़रूरतकभीभी
ख़ुशीपरहमाराभीहक़थामगरयूँँ
ग़मोंनेनहींदीइजाज़तकभीभी
मदीनेकीगलियोंकाचक्करलगालूँ
मिलेआपकीगरशफ़ाअतकभीभी
ज़ालिमज़राकुछतोख़ौफ़-ए-ख़ुदाकर
किसकतीहैअबक़यामतकभीभी
तकब्बुरतूदौलतपेइतनाभीमतकर
चिपकसकतीहैतुझसेग़ुर्बतकभीभी
बदलवोगुनाहोंकापाएगाअपने
जोकरतानहींहैनदामतकभीभी
ग़मोंसेरिहाहोंगेपरवेज़साहब
अगरमिलगईकुछमसर्रतकभीभी
  - Parvez Shaikh
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