main chup kam raha aur roya ziyaada | मैं चुप कम रहा और रोया ज़ियादा

  - Parveen Umm-e-Mushtaq
मैंचुपकमरहाऔररोयाज़ियादा
यक़ीननज़मींकमहैदरियाज़ियादा
शब-ए-वस्लमुर्ग़-ए-सहरयादरखना
ज़बाँकाटलूँगाजोरोयाज़ियादा
मैंनाज़ुक-मिज़ाजीसेवाक़िफ़हूँक़ासिद
इसीवज्हख़तमेंलिक्खाज़ियादा
दोबोसेलिएउसनेदोगालियाँदीं
लेनाज़ियादादेनाज़ियादा
वोसैर-ए-चमनकेलिएरहाहै
अकड़नाशमशादइतनाज़ियादा
वोउतनाहीबनताहैहिर्स-ए-मुजस्सम
ख़ुदाजिसकोदेताहैजितनाज़ियादा
अमलपरमुझेए'तिमादअपनेकमहै
ख़ुदाकेकरमपरभरोसाज़ियादा
जोआँखेंतिरेख़ाक-ए-दरसेहैंरौशन
मिलायाहैशायदममीराज़ियादा
मुझेउल्फ़त-ए-ज़ुल्फ़जबसेहै'परवीं'
बतातेहैंवोजोश-ए-सौदाज़ियादा
  - Parveen Umm-e-Mushtaq
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