gareeb aadmi ko thaatt paadshaahi ka | ग़रीब आदमी को ठाट पादशाही का

  - Parveen Umm-e-Mushtaq
ग़रीबआदमीकोठाटपादशाहीका
येपेश-ख़ेमाहैज़ालिमतिरीतबाहीका
ख़दंग-ए-आहकोरोकेरहाहूँफ़ुर्क़तमें
ख़यालहैमुझेअफ़्लाककीतबाहीका
उमीदकैसेहोमहशरमेंसुर्ख़-रूईकी
हमेशाकामकियाहोजोरू-सियाहीका
सलामतकनहींलेतेकलामतोकैसा
फ़क़ीरीमेंभीतबख़्तुरहैबादशाहीका
शिकस्त-ओ-फ़त्हकाज़िम्मानहींदिल-ए-नादाँ
लड़ेहज़ारमेंयेकामहैसिपाहीका
ख़िज़ाबकरतेहैंदुनियासेजबगएगुज़रे
शुगूनकरतेहैंपीरीमेंरू-सियाहीका
आसमाँकीइनायतमेहरबाँवोशोख़
पूछोहालग़रीबोंकीबे-पनाहीका
सफ़ेदबालोंपेकिसवास्तेख़िज़ाबलगाएँ
गयाज़मानाजवानीमेंरू-सियाहीका
ख़ताएँहोगईंमादूमहजसे'परवीं'
गवाहख़ुदहैख़ुदामेरीबे-गुनाहीका
  - Parveen Umm-e-Mushtaq
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