dekho to zaraa ghazab KHuda ka | देखो तो ज़रा ग़ज़ब ख़ुदा का

  - Parveen Umm-e-Mushtaq
देखोतोज़राग़ज़बख़ुदाका
ज़ालिमनेमुझीकोपहलेताका
अल्लाहअताकरेक़नाअ'त
नुस्ख़ावाजिब-उल-अदाका
दिलदेताहूँमुफ़्तऔरकोई
पुरसाँनहींनक़्द-ए-नारवाका
वाँमुझपेजफ़ाएँहोरहीहैं
याँविर्दहैलफ़्ज़-ए-मर्हबाका
आनाहोतोनज़्अ'मेंहूँआओ
येवक़्तनहींहैइल्तवाका
अबआएहोबनकेतुममसीहा
जबवक़्तगुज़रचुकादवाका
दामनमेंरवाँहैंअश्क-ए-गुलगूँ
महज़रहैयेख़ून-ए-मुद्दआका
लायातोहैउनकोजज़्ब-ए-उल्फ़त
आयातोहैध्यानबे-नवाका
मैंहोहीचुकाथाज़िंदादरगोर
तुमगएशुक्रहैख़ुदाका
दुनियासेगुज़रचुकेतो'परवीं'
झगड़ारहाफ़नाबक़ाका
  - Parveen Umm-e-Mushtaq
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