poshaak na tu pahniyo ai sarv-e-ravaan surkh | पोशाक न तू पहनियो ऐ सर्व-ए-रवाँ सुर्ख़

  - Parveen Umm-e-Mushtaq
पोशाकतूपहनियोसर्व-ए-रवाँसुर्ख़
होजाएपरतवसेतिरेकौन-ओ-मकाँसुर्ख़
याँबादा-ए-अहमरकेछलकतेहैंजोसाग़र
पीर-ए-मुग़ाँदेखकिहैसारीदुकाँसुर्ख़
पीबादा-ए-अहमरतोयेकहनेलगागुल-रू
मैंसुर्ख़हूँतुमसुर्ख़ज़मींसुर्ख़ज़माँसुर्ख़
क्यापानकीसुर्ख़ीनेकियाक़त्लकिसीको
शिद्दतसेहैक्यूँँआजतिरीतेग़-ए-ज़बाँसुर्ख़
सीनेमेंदिल-ए-ग़म-ज़दाख़ूँहोगयाशायद
बे-वज्हभीहोतेहैंकहींअश्क-ए-रवाँसुर्ख़
क्याभड़केहैसीनेमेंमिरेआतिश-ए-फ़ुर्क़त
जोआहकेहम-राहनिकलताहैधुआँसुर्ख़
येक़त्ल-ए-ख़िज़ाँपरहैंजवानान-ए-चमनशाद
हरसम्तगुल-ओ-लालाउड़ातेहैंनिशाँसुर्ख़
गरमेरीशहादतकीबशारतनहीं'परवीं'
फिरक्यूँँहैख़त-ए-शौक़केउनवाँयेनिशाँसुर्ख़
  - Parveen Umm-e-Mushtaq
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy