karenge zulm duniya par ye but aur aasmaañ kab tak | करेंगे ज़ुल्म दुनिया पर ये बुत और आसमाँ कब तक

  - Parveen Umm-e-Mushtaq
करेंगेज़ुल्मदुनियापरयेबुतऔरआसमाँकबतक
रहेगापीरयेकबतकरहोगेतुमजवाँकबतक
ख़ुदावंदाइन्हेंकिसदिनशुऊरआएगादुनियाका
रहेंगीबे-पढ़ी-लिक्खीहमारीलड़कियाँकबतक
फिरेगाऔरकितनेदिनख़यालीपारघोड़ेपर
उड़ेगाशेर-गोईमेंइंजनकाधुआँकबतक
इनान-ए-हुक्मरानीदेखिएकिसदिनख़ुदालेगा
रहेंगेक़िस्मतोंपरहुक्मराँयेआसमाँकबतक
दिएजाएँगेकबतकशैख़-साहिबकुफ़्रकेफ़तवे
रहेंगीउनकेसंदूक़चामेंदींकीकुंजियाँकबतक
चलीजाएगीइकहीरुख़हवाताकिज़मानेकी
पूराहोगातेरादौरयेआसमाँकबतक
तहम्मुलख़त्महोतेहीबड़ीबद-नामियाँहोंगी
तुम्हारेख़ौफ़से'परवीं'खोलेगीज़बाँकबतक
  - Parveen Umm-e-Mushtaq
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