baazi pe dil laga hai koi dil-lagi nahin | बाज़ी पे दिल लगा है कोई दिल-लगी नहीं

  - Parveen Umm-e-Mushtaq
बाज़ीपेदिललगाहैकोईदिल-लगीनहीं
येभीहैकोईबातकभीहाँकभीनहीं
जिसनेकुछएहतियातजवानीमेंकीनहीं
अक़्ल-ए-सलीमकहतीहैवोआदमीनहीं
दिलमाँगोतोजवाबहैउनकाअभीनहीं
गोयाअभीनहींकाहैमतलबकभीनहीं
वाइज़कोलअन-तअनकीफ़ुर्सतहैकिसतरह
पूरीअभीख़ुदाकीतरफ़लौलगीनहीं
आशिक़परउनकाएकज़रासाहैइल्तिफ़ात
औरवोभीइसतरहकिकभीहैकभीनहीं
जैसाकिआपचाहतेहैंशख़्सपाक-ओ-साफ़
ऐसातोशहरभरमेंकोईमुत्तक़ीनहीं
तन्हाजिएतोख़ाकजिएलुत्फ़क्यालिया
ख़िज़्रयेतोज़िंदगीमेंज़िंदगीनहीं
हमसबहैंराहगीरतसादुमकाक्यासबब
दुनियाहैशाहराहकुछऐसीगलीनहीं
दिलमेंनशातआएतोचेहराहोताबनाक
जबतकजनाबचाँदनहींचाँदनीनहीं
'परवीं'जलाओशम्-ए-अमलगोरकेलिए
सूरजकानूरचाँदकेवहाँचाँदनीनहीं
  - Parveen Umm-e-Mushtaq
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