मैंचुपरहूँतोगोयारंज-ओ-ग़म-ए-निहाँहूँ
बोलूँतोसरसेपातकहसरतकीदास्ताँहूँ
मसरूरहोतूमुझसेमैंतुझसेशादमाँहूँ
तूमेरामेहमाँहोमैंतेरामेज़बाँहूँ
कहतीहैउनकीमस्तीहोशआएतोमैंपूछूँ
ऐबे-ख़ुदीबतादेइसवक़्तमैंकहाँहूँ
इरशादपरनज़रहैख़ामोशहूँकिगोया
चाहोतोबे-ज़बाँहूँचाहोतोबा-ज़बाँहूँ
जाँघुलचुकीहैग़ममेंइकतनहैवोभीमोहमल
मअनीनहींहैंबिल्कुलमुझमेंअगरबयाँहूँ
मैंहूँजुनूँकेहाथोंमख़्लूक़कातमाशा
ना-मेहरबाँहूँख़ुदपरदुनियापेमेहरबाँहूँ
अल्लाह-रेउसकीचौखटहैबोसा-गाह-ए-आलम
कहताहैसंग-ए-असवदमैंसंग-ए-आस्ताँहूँ
कहताहैमेरानालालबतकमैंआतेआते
सौजाथमाहूँरहमेंइसदर्जाना-तवाँहूँ
नफ़रतहोजिसकोमुझसेमिलनेकाउससेहासिल
नज़रोंमेंक्यूँँसुबुकहूँख़ातिरपेक्यूँँगिराँहूँ
मुद्दतमेंतुममिलेहोक्यूँँज़िक्र-ए-ग़ैरआए
मैंअपनेसाएसेभीख़ल्वतमेंबद-गुमाँहूँ
चुपरहगयापयामीलेकिनयेख़ैरगुज़री
ख़तनेकहाकिसुनिए'परवीं'कीमैंज़बाँहूँ