ik shola-e-hasrat hooñ mita kyun nahin dete | इक शो'ला-ए-हसरत हूँ मिटा क्यूँँ नहीं देते

  - Nafas Ambalvi
इकशो'ला-ए-हसरतहूँमिटाक्यूँँनहींदेते
मुझकोमिरेजीनेकिसज़ाक्यूँँनहींदेते
मैंजिनकेलिएरोज़सलीबोंपेचढ़ाहूँ
वोमेरीवफ़ाओंकासिलाक्यूँँनहींदेते
क्यूँँदर्दकीशिद्दतकोबढ़ातेहोतबीबो
इसदर्द-ए-मुसलसलकीदवाक्यूँँनहींदेते
सुनताहूँकिहरमोड़पेरहबरहैंमगरवो
मुझकोमेरीमंज़िलकापताक्यूँँनहींदेते
कुछबात'नफ़स'दिलमेंलिएबैठेहोकबसे
आएहोयहाँतकतोबताक्यूँँनहींदेते
  - Nafas Ambalvi
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