सर-बरहनाभरीबरसातमेंघरसेनिकले
हमभीकिसगर्दिश-ए-हालातमेंघरसेनिकले
दिनमेंकिसकिसकोबताएँगेमसाफ़तकासबब
बसयहीसोचकेहमरातमेंघरसेनिकले
सरपेख़ुदअपनीसलीबोंकोउठाएहमलोग
रूहकाबोझलिएज़ातमेंघरसेनिकले
कबबरसजाएँइनआँखोंकाभरोसाहीनहीं
कौनबे-वक़्तकीबरसातमेंघरसेनिकले
डरगयादेखकेमैंशहर-ए-मुहज़्ज़बकाचलन
कितनेआसेबफ़सादातमेंघरसेनिकले
ऐनमुमकिनहैकीवोदिनमेंनुमायाँहीनहो
उससितारेसेकहोरातमेंघरसेनिकले
उनकीफ़ितरतमेंतग़ाफ़ुलभीमुरक्कबथा'नफ़स'
हमहीनादाँथेजोजज़्बातमेंघरसेनिकले