umr-bhar dard ke rishton ko nibhaane se raha | उम्र-भर दर्द के रिश्तों को निभाने से रहा

  - Nafas Ambalvi
उम्र-भरदर्दकेरिश्तोंकोनिभानेसेरहा
ज़िंदगीमेंतोतिरेनाज़उठानेसेरहा
जबभीदेखातोकिनारोंपेतड़पतादेखा
येसमुंदरतोमिरीप्यासबुझानेसेरहा
बसयहीसोचकेसरअपनाक़लमकरडाला
अबवोइल्ज़ाममिरेसरतोलगानेसेरहा
इसज़मानेमेंजहालतसेगुज़रहोतीहै
अबहुनरसेतोकोईघरकोचलानेसेरहा
हमहीतरकीबकरेंकोईउजालोंकेलिए
अबअँधेरातोचराग़ोंकोजलानेसेरहा
वक़्तकेमरमरींपत्थरपेग़ज़ललिखताहूँ
येइबारतकोईमौसमतोमिटानेसेरहा
बे-तअल्लुक़तोनहींउम्रगुज़ारीहै'नफ़स'
रिश्ता-ए-ग़ैरसहीकुछतोज़मानेसेरहा
  - Nafas Ambalvi
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