सर-ए-सहरा-ए-दुनियाफूलयूँँहीतोनहींखिलते
दिलोंकोजीतनापड़ताहैतोहफ़ेमेंनहींमिलते
येक्यामंज़रहैजैसेसोगईहोंसोचकीलहरें
येकैसीशाम-ए-तन्हाईहैपत्तेतकनहींहिलते
मज़ाजबथाकिबोतलसेउबलतीफैलतीरुतमें
धुआँसाँसोंसेउठतागर्मबोसोंसेबदनछिलते
जोभरभीजाएँदिलकेज़ख़्मदिलवैसानहींरहता
कुछऐसेचाकहोतेहैंजोजुड़करभीनहींसिलते