bewa maa ko KHoon ke aañsu rulaate hain charaaghh | बेवा माँ को ख़ून के आँसू रुलाते हैं चराग़

  - Naeem Faraz
बेवामाँकोख़ूनकेआँसूरुलातेहैंचराग़
छोड़करबस्ताकिताबेंजबकमातेहैंचराग़
सोनेचाँदीताँबेपीतलसेबनानाफ़ननहीं
अहल-ए-फ़नहैंजोकिमिट्टीसेबनातेहैंचराग़
आजभीमेरेवतनकेछोटेछोटेगाँवमें
शामहोतेहीबड़ेबूढ़ेलगातेहैंचराग़
कश्तियाँरस्तेसेहटजाएँतूफ़ाँकेसबब
हमअँधेरोंमेंलब-ए-साहिलजलातेहैंचराग़
देवताभीआरतीकाख़ूबलेतेहैंमज़ा
हुस्नवालेथालियोंमेंजबसजातेहैंचराग़
बे-तहाशाजज़्बा-ए-उल्फ़तमेंलगजातीहैआग
वोहिनाईदस्त-ए-नाज़ुकसेजलातेहैंचराग़
तनकेउजलेमनकेकालेलोगयेकरतेहैंकाम
ख़ुदनहींरखतेतोऔरोंकेबुझातेहैंचराग़
वक़्त-ए-रुख़्सतअश्क-ए-लर्ज़ीदासपलकोंपे'फ़राज़'
सुब्ह-दमतारोंकेजैसेझिलमिलातेहैंचराग़
  - Naeem Faraz
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