ham vasl ki din-raat dua maang rahe hain | हम वस्ल की दिन-रात दु'आ माँग रहे हैं

  - Naeem Faraz
हमवस्लकीदिन-रातदु'आमाँगरहेहैं
बीमार-ए-मोहब्बतहैंदवामाँगरहेहैं
मुश्किलसेमिलाकरतेहैंबा-ज़र्फ़मुख़ालिफ़
दुश्मनमिरेजीनेकीदु'आमाँगरहेहैं
इसदर्जाफ़रोज़ाँहैंमिरेदाग़-ए-जिगरभी
ख़ुर्शीद-ओ-क़मरमुझसेज़ियामाँगरहेहैं
पुर-नूरहैजिनसेमिरीआँखोंकाजज़ीरा
औरोंसेमिरेघरकापतामाँगरहेहैं
तुमलोगतमन्नाईहोख़ुर्शीद-ओ-क़मरके
हमलोगतोछोटासादियामाँगरहेहैं
इतनाहै'फ़राज़'-ए-दिल-ए-मुज़्तरकाफ़साना
मेरेलिएरोकरवोदु'आमाँगरहेहैं
  - Naeem Faraz
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