girte girte sambhal raha hooñ main | गिरते गिरते सँभल रहा हूँ मैं

  - Nadeem Mahir
गिरतेगिरतेसँभलरहाहूँमैं
दस्तरससेनिकलरहाहूँमैं
धूपकाभीअजबतमाशाहै
अपनेसाएपेचलरहाहूँमैं
गुफ़्तुगूहैमेरीगुलाबोंसी
शख़्सियतमेंकँवलरहाहूँमैं
धूपजबसेमलीहैचेहरेपर
रफ़्तारफ़्तापिघलरहाहूँमैं
गिर्दमेरेहैवहशतोंकाहुजूम
एकजंगलमेंपलरहाहूँमैं
एकहिचकीकाखेलहै'माहिर'
इसक़दरक्यूँँमचलरहाहूँमैं
  - Nadeem Mahir
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