tiri yaadon ki naqqaashi khurch kar fenk aa.e hain | तिरी यादों की नक़्क़ाशी खुरच कर फेंक आए हैं

  - Nadeem Mahir
तिरीयादोंकीनक़्क़ाशीखुरचकरफेंकआएहैं
झुलसतीरेतपरहमइकसमुंदरफेंकआएहैं
अक़ीक़-ओ-नीलम-ओ-लअ'ल-ओ-जवाहरफेंकआएहैं
समुंदरमेंअजबमंज़रशनावरफेंकआएहैं
तिरीयादेंतिरीबातेंसभीऔराक़-ए-पारीना
हमइकइककरकेसबदिल-सोज़मंज़रफेंकआएहैं
तलातुमहोकितूफ़ाँहोयेदरियापारकरनाहै
हमअपनीकश्तियाँमौजोंकेअंदरफेंकआएहैं
  - Nadeem Mahir
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