aankhoñ se manaazir ka tasalsul nahin toota | आँखों से मनाज़िर का तसलसुल नहीं टूटा

  - Nadeem Mahir
आँखोंसेमनाज़िरकातसलसुलनहींटूटा
मैंलुटगयापरतेरातग़ाफ़ुलनहींटूटा
तिश्नाथामैंबहतारहादरियामिरेआगे
लेकिनमेरेहोंटोंकातहम्मुलनहींटूटा
सदियोंसेबग़ल-गीरहैंएकदूजेसेलेकिन
दरियाकेकिनारोंकातजाहुलनहींटूटा
उलझाहूँकईबारमसाइलकेभँवरमें
मैंटूटगयामेरातवक्कुलनहींटूटा
ख़ामोशहुआचीख़तेदरियाकातलातुम
तेशा-ए-फ़रहादतिराग़ुलनहींटूटा
  - Nadeem Mahir
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