hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Adam Gondvi
ghar men thande choolhe par agar khaali pateeli hai
ghar men thande choolhe par agar khaali pateeli hai | घर में ठंडे चूल्हे पर अगर ख़ाली पतीली है
- Adam Gondvi
घर
में
ठंडे
चूल्हे
पर
अगर
ख़ाली
पतीली
है
बताओ
कैसे
लिख
दूँ
धूप
फागुन
की
नशीली
है
- Adam Gondvi
Download Sher Image
मुझे
भी
बख़्श
दे
लहजे
की
ख़ुशबयानी
सब
तेरे
असर
में
हैं
अल्फ़ाज़
सब,
म'आनी
सब
मेरे
बदन
को
खिलाती
है
फूल
की
मानिंद
कि
उस
निगाह
में
है
धूप,
छाँव,
पानी
सब
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
28 Likes
दिसंबर
की
सर्दी
है
उसके
ही
जैसी
ज़रा
सा
जो
छू
ले
बदन
काँपता
है
Amit Sharma Meet
Send
Download Image
33 Likes
रिश्तों
को
जब
धूप
दिखाई
जाती
है
सिगरेट
से
सिगरेट
सुलगाई
जाती
है
Ankit Gautam
Send
Download Image
36 Likes
तुम
तो
सर्दी
की
हसीं
धूप
का
चेहरा
हो
जिसे
देखते
रहते
हैं
दीवार
से
जाते
हुए
हम
Nomaan Shauque
Send
Download Image
24 Likes
बाद-ए-बहार
में
सब
आतिश
जुनून
की
है
हर
साल
आवती
है
गर्मी
में
फ़स्ल-ए-होली
Wali Uzlat
Send
Download Image
11 Likes
ये
कांटे,
ये
धूप,
ये
पत्थर
इनसे
कैसा
डरना
है
राहें
मुश्किल
हो
जाएँ
तो
छोड़ी
थोड़ी
जाती
हैं
Subhan Asad
Send
Download Image
29 Likes
मिरे
सूरज
आ!
मिरे
जिस्म
पे
अपना
साया
कर
बड़ी
तेज़
हवा
है
सर्दी
आज
ग़ज़ब
की
है
Shahryar
Send
Download Image
31 Likes
जाने
कैसे
ख़ुश
रहने
की
आदत
डाली
जाती
है
उनके
यहाँ
तो
बारिश
में
भी
धूप
निकाली
जाती
है
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
40 Likes
लगा
आग
पानी
को
दौड़े
है
तू
ये
गर्मी
तेरी
इस
शरारत
के
बाद
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
28 Likes
शोर
की
इस
भीड़
में
ख़ामोश
तन्हाई
सी
तुम
ज़िन्दगी
है
धूप
तो
मद-मस्त
पुर्वाई
सी
तुम
चाहे
महफ़िल
में
रहूँ
चाहे
अकेले
में
रहूँ
गूँजती
रहती
हो
मुझ
में
शोख़
शहनाई
सी
तुम
Read Full
Kunwar Bechain
Send
Download Image
49 Likes
Read More
मरने
वाले
तो
ख़ैर
बेबस
हैं
जीने
वाले
कमाल
करते
हैं
Adam Gondvi
Send
Download Image
27 Likes
तुम्हारी
फाइलों
में
गाँव
का
मौसम
गुलाबी
है
मगर
ये
आंकड़े
झूठे
हैं
ये
दावा
किताबी
है
Adam Gondvi
Send
Download Image
28 Likes
भूख
के
एहसास
को
शेर-ओ-सुख़न
तक
ले
चलो
या
अदब
को
मुफ़्लिसों
की
अंजुमन
तक
ले
चलो
जो
ग़ज़ल
माशूक़
के
जलवों
से
वाक़िफ़
हो
गई
उसको
अब
बेवा
के
माथे
की
शिकन
तक
ले
चलो
मुझको
सब्र-ओ-ज़ब्त
की
तालीम
देना
बाद
में
पहले
अपनी
रहबरी
को
आचरन
तक
ले
चलो
ख़ुद
को
ज़ख़्मी
कर
रहे
हैं
ग़ैर
के
धोखे
में
लोग
इस
शहर
को
रौशनी
के
बाँकपन
तक
ले
चलो
Read Full
Adam Gondvi
Download Image
0 Likes
कब
तक
सहेंगे
ज़ुल्म
रफ़ीक़ो-रक़ीब
के
शोलों
में
अब
ढलेंगे
ये
आँसू
ग़रीब
के
इक
हम
हैं
भुखमरी
के
जहन्नुम
में
जल
रहे
इक
आप
हैं
दुहरा
रहे
क़िस्से
नसीब
के
उतरी
है
जबसे
गांव
में
फ़ाक़ाकशी
की
शाम
बेमानी
होके
रह
गए
रिश्ते
क़रीब
के
इक
हाथ
में
क़लम
है
और
इक
हाथ
में
क़ुदाल
बावस्ता
हैं
ज़मीन
से
सपने
अदीब
के
Read Full
Adam Gondvi
Download Image
1 Like
बेचता
यूँँ
ही
नहीं
है
आदमी
ईमान
को
भूख
ले
जाती
है
ऐसे
मोड़
पर
इंसान
को
शबनमी
होंठों
की
गर्मी
दे
न
पाएगी
सुकून
पेट
के
भूगोल
में
उलझे
हुए
इंसान
को
Read Full
Adam Gondvi
Send
Download Image
14 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Dua Shayari
Sach Shayari
Duniya Shayari
Naqab Shayari
Aaina Shayari