tere tausan ko saba baandhte hain | तेरे तौसन को सबा बाँधते हैं

  - Mirza Ghalib
तेरेतौसनकोसबाबाँधतेहैं
हमभीमज़मूँकीहवाबाँधतेहैं
आहकाकिसनेअसरदेखाहै
हमभीएकअपनीहवाबाँधतेहैं
तेरीफ़ुर्सतकेमुक़ाबिलउम्र
बर्क़कोपा-ब-हिनाबाँधतेहैं
क़ैद-ए-हस्तीसेरिहाईमा'लूम
अश्ककोबे-सर-ओ-पाबाँधतेहैं
नश्शा-ए-रंगसेहैवाशुद-ए-गुल
मस्तकबबंद-ए-क़बाबाँधतेहैं
ग़लती-हा-ए-मज़ामींमतपूछ
लोगनालेकोरसाबाँधतेहैं
अहल-ए-तदबीरकीवामांदगियाँ
आबलोंपरभीहिनाबाँधतेहैं
सादापुरकारहैंख़ूबाँ'ग़ालिब'
हमसेपैमान-ए-वफ़ाबाँधतेहैं
पाँवमेंजबवोहिनाबाँधतेहैं
मेरेहाथोंकोजुदाबाँधतेहैं
हुस्न-ए-अफ़्सुर्दा-दिल-हा-रंगीं
शौक़कोपा-ब-हिनाबाँधतेहैं
क़ैदमेंभीहैअसीरीआज़ाद
चश्म-ए-ज़ंजीरकोवाबाँधतेहैं
शैख़-जीका'बेकाजानामा'लूम
आपमस्जिदमेंगधाबाँधतेहैं
किसकादिलज़ुल्फ़सेभागाकि'असद'
दस्त-ए-शानाब-क़ज़ाबाँधतेहैं
तेरेबीमारपेहैंफ़रियादी
वोजोकाग़ज़मेंदवाबाँधतेहैं
  - Mirza Ghalib
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