hujoom-e-naala hairat aaziz-e-arz yak-afghan hai | हुजूम-ए-नाला हैरत आजिज़-ए-अर्ज़ यक-अफ़्ग़ाँ है

  - Mirza Ghalib
हुजूम-ए-नालाहैरतआजिज़-ए-अर्ज़यक-अफ़्ग़ाँहै
ख़मोशीरेशा-ए-सद-नीस्ताँसेख़स-ब-दंदाँहै
तकल्लुफ़-बर-तरफ़हैजाँ-सिताँ-तरलुत्फ़-ए-बद-ख़ूयाँ
निगाह-ए-बे-हिजाब-ए-नाज़तेग़-ए-तेज़-ए-उर्यांहै
हुईयेकसरत-ए-ग़मसेतलफ़कैफ़ियत-ए-शादी
किसुब्ह-ए-ईदमुझकोबद-तरअज़-चाक-ए-गरेबाँहै
दिलदींनक़्दलासाक़ीसेगरसौदाकियाचाहे
किउसबाज़ारमेंसाग़रमाता-ए-दस्त-गर्दांहै
ग़मआग़ोश-ए-बलामेंपरवरिशदेताहै'आशिक़को
चराग़-ए-रौशनअपनाक़ुल्ज़ुम-ए-सरसरकामर्जांहै
तकल्लुफ़साज़-ए-रुस्वाईहैग़ाफ़िलशर्म-ए-रानाई
दिल-ए-ख़ूँ-गश्तादरदस्त-ए-हिना-आलूदाउर्यांहै
'असद'जमइयत-ए-दिलदर-किनार-ए-बे-ख़ुदीख़ुश-तर
दो-आलमआगहीसामान-ए-यक-ख़्वाब-ए-परेशाँहै
  - Mirza Ghalib
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